🙏👩‍🦳🙏#नारी#🙏👩‍🦳🙏

मै #नारी #नदी सी मेरे दो किनारे।

एक किनारे #ससुराल, दूजी ओर #मायका
दोनों मेरे अपने फिर भी अलग #दोनों का #जायका।
एक तरफ #मां जिसकी कोख का मैं हिस्सा ।
दूजी ओर #सास जिनके लाल संग जुड़ा मेरे
जीवन भर का किस्सा
एक तरफ #पिता , जिनसे है अपनत्व की धाक।
दूजी ओर #ससुरजी जिनकी हैं सम्मान की साख।

मायके का आँगन मेरे जन्म की किलकारी

ससुराल का आँगन मेरे बच्चों की चिलकारी

मायके में मेरी #बहने , मेरी हमजोली
ससुराल में मेरी #ननदे है, शक्कर सी मीठी गोली।
मायके में #मामा , #काका है पिता सी मुस्कान
ससुराल के #देवर #जेठ हैं तीखे में मिष्टान।
मायके में #भाभी
है ममता के खजाने की चाबी ,
ससुराल में #देवरानी #जेठानी
हैं मेरी तरह ही बहती नदी का पानी।
मायके में मेरा #भईया
एक आस जो बनेगा दुख में मेरी नय्या
ससुराल में मेरे #प्राणप्रिय #सैया
जो हैं मेरे जीवन के खेवैया।
ससुराल और मायका हैं दो नदी की धारा
जो एक नारी में समाकर नारी को बनाती है सागर सा गहरा….!!

🙏👩‍🦳🙏#नारी#🙏👩‍🦳🙏

Advertisement

6 thoughts on “🙏👩‍🦳🙏#नारी#🙏👩‍🦳🙏

Leave a Reply

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.